
महारानी लक्ष्मी बाई की बलिदान दिवस पर आयोजित हुई काव्य गोष्ठी।
खंडवा। मध्य प्रदेश लेखक संघ जिला इकाई खंडवा के तत्वाधान में वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस डॉक्टर जगदीश चंद्र चौरे की अध्यक्षता में, श्रीमती मीरा व्यास के मुख्य आतिथ्य में तथा डॉक्टर रश्मि दीक्षित मुख्य वक्ता के रूप में मनाया गया । समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि प्रारंभ में मां सरस्वती एवं रानी लक्ष्मीबाई के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर सरस्वती वंदना की गई । तथा मुख्य वक्ता डॉ रश्मि दीक्षित ने वीरांगना लक्ष्मीबाई के जीवन पर उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालकर उन्होंने अंग्रेजों के साथ जो मुठभेड़ की है, कि मैं झांसी नहीं दूंगी चाहे प्राण चले जाए और उन्होंने यह कर दिखाया, उनके अंतिम शब्द थे – “किसी भी अंग्रेज को उनके शरीर को छूने ना दिया जावे” । अध्यक्ष डॉ चौरे ने भी उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला तथा मीरा व्यास ने काव्य पाठ के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सुनील जैन ने बताया की पश्चात काव्य गोष्ठी में सर्वश्री कवि ओम चौरे, देवेंद्र जैन, सुरेंद्र गीते, दीपक चाकरे, भूपेंद्र आर्य, अनुराधा सांडले, राधेश्याम शाक्य, माधुरी श्रीवास्तव, सुनील चौरे उपमन्यु, राजमल आर्य, शर्मिष्ठा तोमर, सुनील जैन, मनोज जोशी, प्रीति खंडपूरे, सीमा श्रीवास्तव, शैलेश पालीवाल, गोविंद शर्मा, हेमंत उपाध्याय, समीर दीक्षित, एवं मंगला चौरे ने कहा की “आसमा की बुलंदी पर तो आपका नाम था” जिसे सब ने सराहा । अंत में साहित्यकार स्वर्गीय श्री सत्यनारायण चौहान को श्रद्धांजलि अर्पित की गई । कार्यक्रम का सफ़ल संचालन मंगला चौरे ने किया तथा आभार सचिव देवेन्द्र जैन ने माना।













